SHAWORDS

कला

kalaa
संस्कृतसंज्ञास्त्रीलिंग नकलबाजी अंश

English Meaning

Noun, Feminine art, craft, skill a portion, division

बोलियों में अर्थ (Dialect Meanings)

ब्रज
स्त्रीलिंग अंश, भाग चन्द्रमा का सोलहवाँ भाग ; सूर्य का बारहवां भाग ; अग्नि-मंडल के दस भागों में से एक ; विद्या , हुनर , कारीगरी; कामशास्त्र के आधार पर ६४ कलाएँ; शरीर की सात छिल्लियाँ, ८. विभूति , तेज , प्रभाव उदाहरण . कासीहू की कला गई मथुरा भसीत भई । 9. गुण , विशेषता उदाहरण . देखहु दुचंद कला कंद की कमाई सी। १०. स्त्री का रज, ११. यंत्र, १२. कर्दम प्रजापति की एक कन्या जो मरीचि ऋषि को ब्याही थी, प्रजापति कश्यप इसी के पुत्र थे; स्त्रीलिंग बहाना उदाहरण . भृग दृग नासा अधर तें कोटि कला करि जाति ।; सकर्मक क्रिया, सकर्मक भूनना , अकोरना , मसाले लिपटाना
मालवी
कला कौशल, गाने बजाने की विद्या, पुरुषों की प्रतिभा, नट विद्या, हुनर
अंगिका
संज्ञा, स्त्रीलिंग युक्ति, शिल्प, हुनर, गुण
अवधी
संज्ञा, स्त्रीलिंग चाल, चतुरता, चालाकी
बुन्देली
संज्ञा, स्त्रीलिंग चन्द्रमा की सोलह कलायें, शिल्प, कारीगरी, अंश, सूद, ब्याज, नटों का काम, चौंसठ कलायें, मल्ल युद्ध आदि
हरियाणवी
संज्ञा, स्त्रीलिंग अंश, भाग चन्द्रमा का सोलहवाँ भाग समय का एक भाग राशि का तीसरा अंश. 5. किसी कार्य को भली-भाँति करने का कौशल, हुनर चौसठ कलाओं में से एक ऐश्वर्य, विभूति नट का कौशल हस्त- कौशल रूप
मैथिली
संज्ञा हृदयग्राही शिल्पकर्म कौशल, ढङ्ग, लूरि अंश, विशेषतः 16 म, 60 म आ 90 म चन्द्रबिम्बक सोलहम भाग; Noun art. skill. degree, minute, phase of moon. digit of moon.

शब्द जानकारी

उत्पत्तिसंस्कृत
प्रकारसंज्ञा
लिंगस्त्रीलिंग नकलबाजी अंश
दृश्य1

संबंधित शब्द

अमन

संस्कृत ; संज्ञा, पुल्लिंग अनुभूति का न होना, अनुभूति का अभाव ज्ञानाभाव

अमन-चैन
अमृत

संस्कृत ; विशेषण जो मरा न हो जीता हुआ या जिसमें प्राण हो जो मरणशील न हो अमरत्व प्रदान करनेवाला अविनश्वर, शाश्वत प्रिय, अभीष्ट, सुंदर

कलाई
अलग
ओसर

हिंदी ; संज्ञा, स्त्रीलिंग 'ओसरिया' पहली बार गर्भ धारण करने योग्य गाय या भैंस उदाहरण . रामू की बछिया अब ओसर हो गई है ।

अस्त

संस्कृत ; संज्ञा, पुल्लिंग तिरोधान , लोप , अदर्शन, जैसे-सूर्यास्त के पहले आ जाना (शब्द॰) पश्चिम मेरु (जिसके पीछे सूर्य डूबता है) [को॰] आवास , घर [को॰] समाप्ति , मृत्यु [को॰] —सूर्यास्त , शुक्रास्त , अस्तंगत विशेष . सब ग्रह अपने उदय के लग्न से सातवें लग्न पर अस्त होते हैं । इसी से कुंडली में सातवें घर की संज्ञा 'अस्त' है । बुध को छोड़कर अन्य ग्रह जब सूर्य के साथ होते हैं, तब अस्त कहे जाते हैं ।

कलाल
हिंदी शब्दकोश देखें →